नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट
नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड के पांडेय गंगौट पंचायत के अंतर्गत मशहूर चरौल गांव में आज एक * पर्यावरण संरक्षण में अद्भुत , अतुलनीय सह अनुकरणीय योगदान हेतु सम्मान समारोह एवं बेजोड़ कवि सम्मेलन * का शानदार आयोजन जन सहयोग से सम्पन्न हुआ। ऐतिहासिक इस पर्यावरण संरक्षण जैसे जानलेवा विश्वव्यापी उत्पन्न कृत्रिम संकटों से


स्थाई तौर पर छुटकारा पाने के लिए एक मात्र उद्देश्य से यह जनहितैषी लोकप्रिय कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उक्त सम्मान समारोह कार्यक्रम की अध्यक्षता व मंच का संचालन केशरी नंदन मगही मंडप के वरिष्ठ मुख्य दावेदार के लिए निर्विवाद अधिकृत एवं ख्याति प्राप्त लोक कलाकार व बिहार नटराजन केशरी नंदन जी के असली वारिस व उतराधिकारी नरेंद्र प्रसाद सिंह ने बड़े बेहतरीन ढंग से किया। पर्यावरण संरक्षण के सवाल पर यह जागरूकता अभियान अपने आप में काफी अहम व विचित्र था। यह सबों के लिए बेहद स्वागतयोग्य और बड़े सराहनीय प्रगतिशील कदम है।
पर्यावरण संरक्षण में अतुलनीय
योगदान के लिए इसके हकदार को पुरस्कृत करने के लिए एक भव्य एवं आकर्षक शानदार सम्मान समारोह का आयोजन सुविख्यात सांस्कृतिक संस्था जन नाट्य संघ और केशरी नंदन,चरौल मंडप,चरौल , कौआकोल (नवादा) के सौजन्य से प्राथमिक विद्यालय, चरौल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन के प्रधान अतिथि में कौआकोल के प्रखंड विकास पदाधिकारी थे। विशिष्ट अतिथि में जिले के सुविख्यात शैक्षणिक जगत के शिक्षाविद् एवं वरिष्ठ नागरिक संघ के राष्ट्रीय सचिव डॉ बच्चन पांडे थे। ग्राम निर्माण मंडल के कृषि वैज्ञानिक के एक टीम और पांडेय गंगौट पंचायत के मुखिया दीपक कुमार सिंह भी शामिल थे। इसके अलावा जिले के सैकड़ों कवि,कलाकार, जन प्रतिनिधि,लेखक, समाज सेवी साहित्यकार , पर्यावरण और प्राकृतिक प्रेमियों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कर इसे सफल बनाने में अहम योगदान दिया। विषय प्रवेश करते हुए लोकप्रिय चर्चित कवि नरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि आज के पर्यावरण से संबंधित यह विश्व स्तरीय सबसे प्रधान खतरे के मद्देनजर आयोजित है। इससे स्थाई निजात पाने की दिशा में यह एक बहुत ही प्रभावकारी कदम व कोशिश है।
सम्मान समारोह व कवि सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधान अतिथि बीडीओ साहब कौआकोल ने कहा की पर्यावरण आज दुनिया के सबसे बड़े खतरे के रूप में उभर कर मुंहवाये खड़ी है। पर्यावरण प्रदूषण आज विश्व जनमत को लील लेने के लिए आतुर व तत्पर हैं। संपूर्ण दुनिया त्राहिमाम, नाकोंदम व कराह में उबोडुबो है। प्रकृति के साथ मनुष्य द्वारा किए जा रहे अवैध अनैतिक छेड़छाड़ का ही यह प्रदूषित पर्यावरणीय कृत्रिम उत्पन्न संकट है। इसका सटीक निदान वृक्षारोपण ही है,जो इस पर्यावरण की उत्पन्न घोर गंभीर खतरे व समस्या से स्थाई मुक्ति का एक मात्र आखिरी राह, उपाय व विकल्प है। पर्यावरण के संरक्षण के दृष्टिकोण से ही चरौल में राजेश बिहारी और सकेश बिहारी दोनों सहोदर भाई ने कमाल कर दिया।अपने गांव चरौल में 01 एकड़ जमीन में सैकड़ों तरह तरह के फलदार पौधारोपण करके एक ओर तो पर्यावरण प्रदूषण को समाप्त करने का कारगर तरीका व उन्नत हथियार के रूप में यह प्रत्यक्ष प्रमाण है। अन्य तमाम वक्ताओं ने पर्यावरण जैसे विश्व स्तरीय संकट को केंद्र कर कहा कि इसकी पूर्ण सफलता के लिए पहले सघन पर्यावरण संरक्षण हेतु गहन जागरूकता अभियान चलाना होगा। साथ ही साथ वृक्षारोपण पर प्राथमिकता के बतौर ध्यान केंद्रित करने की आज समय की बहुमूल्य पुकार एवं सार्वजनिक मांग है। अगर समय रहते लोग सजग,सतर्क व सक्रिय नहीं होते हैं ,तो फिर भावी दिनों में यह संकट और गंभीर विकराल रूप धारण कर दुनिया के सारे जीव जंतुओं के विनाश का मुख्य कारण बन जा सकता है। उक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् ,चर्चित समाज सेवी तथा वरीय नागरिक संघ के राष्ट्रीय सचिव डॉ बच्चन पांडे ने कहा कि विश्व पर्यावरण की समस्या हर किसी के दिल में अंतर्निहित पर्यावरणीय प्रदूषण से जुड़ी मनहूसियत भरी विकट सी समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं। दिल के अंदर में समाहित यह प्रदूषित सोच की खात्मा जब तक नहीं होगी ,तब तक यहां पर्यावरण संरक्षण का संकट मंडराते ही रहेगा और सम्पूर्ण विश्व कभी भी खतरे से खाली नहीं रहेगा। मन में निहित जड़ जमाए प्रदूषण की समाप्ति ही पर्यावरण संरक्षण जागरूकता अभियान की अग्रिम शुरूआत एवं सफलता का शुभ लक्षण है।
सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन की शुरूआत इप्टा के बाल दस्ता के छात्राओं ने आगंतुक अतिथियों के स्वागत में और विषय वस्तु से संबंधित पर्यावरण विषय के आलोक में लोकप्रिय महंगी लोक गीत प्रस्तुत कर सभी श्रोताओं एवं दर्शकों को झकझोर कर बेहद आत्ममुग्ध कर दिया। बाल कलाकारों ने काफी तालियां बटोरी।उक्त ऐतिहासिक सफल समारोह में चरौल गांव में आज अतुलनीय,अनुकरणीय उम्दा योगदान के लिए राजेश बिहारी और सकेश बिहारी दोनों सहोदर भाइयों को अंग वस्त्र , प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर,बीडीओ कौआकोल, वरिष्ठ व बड़े लोकप्रिय मगही मूर्धन्य कवि नरेन्द्र प्रसाद सिंह, जनवादी लेखक संघ के जिला सचिव, साहित्यकार तथा मंजे मंजाये समरस कवि अशोक समदर्शी, शंभु विश्वकर्मा, चंद्र मौली सिंह बृजनंदन सिंह,मानवाधिकार संगठन पीयूसीएल के राष्ट्रीय पार्षद दिनेश कुमार अकेला, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवा निवृत शिक्षक व एक प्रतिष्ठित समाज सेवी अनूप यादव, सुभाष चंद्र बोस , मनोज जादूगर, उपेन्द्र ठाकुर समेत पांडेय गंगौट पंचायत के युवा कर्मठ मुखिया,दीपक कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए इस महान लाभकारी अभियान को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर विशेष देना महसूस करते हुए संकल्प को दुहराए। वहीं,वरीय नागरिक संघ द्वारा संघ के राष्ट्रीय सचिव डॉ बच्चन पांडे ने राजेश और राकेश बिहारी के पिता श्री बृजनंदन सिंह जी को अंग वस्त्र प्रदान कर दिल से सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आप ही निःसंदेह साधुवाद व बधाई के हकदार इसलिए हैं कि आपनेअपने पुत्र को इस मुकाम पर पहुंचाने में अथक व अकूत कुर्बानी दी है। डॉ बच्चन पांडे ने उक्त कार्यक्रम के आयोजक एवं मगही के मशहूर मूर्धन्य वरिष्ठ कवि नरेन्द्र प्रसाद सिंह को भी नोटबुक देकर सम्मानित तथा प्रोत्साहित किया।सभी वक्ताओं ने और उपस्थित लोगों ने राजेश बिहारी और सकेश बिहारी की बहादुरी भरा दिलेरी से पेश किए गए पर्यावरण के क्षेत्र में एक अद्भुत साहसिक अद्वितीय मिशाल जो बहुत काबिलेतारिफ प्रेरणादायक एवं ग्रहणीय है।
अंततोगत्वा सबों के एक स्वर से * वृक्ष लगाओ-पर्यावरण बचाओ * जैस गगनभेदी नारों से पूरे गांव गुंजायमान हो उठा। पांडेय गंगौट पंचायत के मुखिया दीपक कुमार के आशीर्वचन के साथ ही आए तमाम लोगों का गर्मजोशी भरा अभिनंदन किया और अपने बहुमूल्य विचार भी पर्यावरण संरक्षण के सवाल पर अभिव्यक्त करते हुए सबों के समक्ष साझा किया।

