आर ओ बी निर्माण में देरी से स्टेशन रोड से गोला रोड घंटों जाम से आम जनता हैं त्रस्त, सकरी सड़कें व अतिक्रमण से बिगड़े हालात के चलते लोगों को चलना दुश्वार,प्रशासन मूकदर्शक

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट



नवादा  जिले के नवादा नगर में आज यातायात की सुविधा आर ओ बी निर्माण में देरी से ही स्टेशन रोड से गोला रोड तक घंटों जाम से जनता सब त्रस्त एवं नाकोंदम है।
नवादा नगर की आतायात व्यवस्था आज पूरी व बुरी तरह से चरमरा गई है। पिछले तीन दिनों से स्टेशन रोड,गोला रोड, कदमकुंआ चौक,अस्पताल रोड,पंपुकल रोड और इंदिरा चौक पर सुबह से देर शाम तक लगातार जाम से भयावह स्थिति बनी हुईं है।अब हालात ऐसे हैं कि लोगों को गाड़ी क्या ,पैदल भी चलना दुश्वार हो गया है। रेलवे फाटक बंद होते ही सैकड़ों छोटे- बड़े वाहन उक्त सड़क पर थम जाते हैं एवं देखते ही देखते कई किलोमीटर तक जाम लग जाया करता है। इस जाम से तो सबसे ज्यादा तो परेशानी पीड़ित मरीजों, स्कूली बच्चों,महिलाओं, नौकरीपेशा लोगों के साथ यहां के व्यवसायियों को इसकी गहरी जड़जमाए खामियाजा भुगतने के लिए वेवश व लाचार हैं।
व्यवस्था बिगड़ने की वजहें : –


खासकर नवादा नगर में बढ़ रहे लगातार जाम के पीछे मात्र तीन ही प्रमुख कारण सामने आ रहे हैं। पहला,वर्षों पुरानी जर्जर व संकीर्ण सड़के,जो बढ़ते वाहनों के बोझ व दबाव झेलने में पूरी तरह असक्षम है। दूसरा मुख्य कारण सड़कों पर फैला हुआ अवैध अतिक्रमण,जिसने मेन सड़क की चौड़ाई और भी कम कर दी है। तीसरा सबसे बड़ा कारण रेलवे फाटक है। फाटक बंद होते ही दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतार लग जाती है
नवादा में रेलवे ओवर ब्रिज यानी आर ओ बी की चर्चा वर्षों से हो रही है,लेकिन सबसे बड़ी दुखद विडंबना और कड़वी सच बात यह है कि अब तक सरजमीं पर इसका लाभ सही उपभोक्ता अथवा आम लोगों को मयस्सर तक नहीं हो सका है। परिणाम यह है कि आज हजारों हजार लोग इस महाजाल में फंसकर अपने धैर्य और बहुमूल्य समय दोनों को खोने के लिए बाध्य व लाचार हैं। नवादा शहर वासियों का कहना है कि जब तक आर ओ बी का निर्माण पूरा नहीं होगा और किए अतिक्रमण पर सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं होगी,तब तक स्थाई रूप से जाम से राहत या निजात मिलना असंभव है।
राहगीर एवं रेलवे यात्रियों में से अमित कुमार ने बताया कि मात्र दस मिनट की दूरी तय करने में ही अभी एक घंटा से भी ज्यादा समय लग रहा है।प्रायः जाम को लग जाने के बाद ऐसा लगता है कि पूरा शहर ठहर गया हो। रोज के जाम में फंसने से स्कूल में देर से बच्चे पहुंचते हैं। पढ़ाई भी तो बेहद प्रभावित हो रही है। छात्रा पूजा कुमारी ने बताया कि मूलतः जाम की वजह से ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। आम आवाम के साथ कारोबार पर भी काफी सीधा गंभीर असरअनुकूल पड़ रहा है। व्यवसाई राजेश प्रसाद ने बताया कि आधा दिन तो जाम में ही निकल जाता है। जाम के चलते कमांई बहुत घट गई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी तो सिर्फ आश्वाशन की चूसनी पीला कर ही अब खुश रखना चाह रहे हैं,जो सीधे गले से नीचे नहीं उतर पा रही है।बगावत की राह पर चलने की मजबूर मत करो, वर्णना हालात लाईलाज हो जाएंगे।