औरंगाबाद में विधुत चोरी के विरुद्ध बड़ा एक्शन, विद्युत अधिकारियों के कर्तव्यहीनता पर एक्शन कब होगा


औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा

औरंगाबाद जिला मुख्यालय स्थित श्रीकृष्ण नगर (अहरी ) में विधुत चोरी के विरुद्ध बड़ा कारवाई करते हुए 25 जून को छापेमारी की गई। छापेमारी में विधुत चोरी करने और 13,59,938 रुपये का चुना विभाग को लगाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में विधुत सहायक अभियंता राहुल कुमार द्वारा बर्फ़ फैक्ट्री संचालक अनिल कुमार शर्मा के

जिला मुख्यालय में एक बर्फ़ फैक्ट्री में छापेमारी करते अधिकारी

विरुद्ध नगर थाना औरंगाबाद में प्राथमिकी दर्ज भी कराया गया है। विद्युत चोरी एक अपराधिक कुकृत्य है लेकिन अब सवाल यह उठता है कि उक्त मोटी राशि आखिर एक दो माह के विधुत चोरी नहीं बल्कि वर्षों से चोरी होता होगा। लेकिन विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक आखिर क्यों नहीं लग रहा था या फिर यह कहा जाये की विभागीय अधिकारियों द्वारा कभी निगरानी अथवा छापामारी नहीं किया जाता था।तब तो वर्षों से विधुत चोरी हो रहा होगा। यदि विभागीय अधिकारियों द्वारा सघन जांच व छापेमारी किया जाय तो जिला मुख्यालय सहित जिले के अन्य भागों में विधुत चोरी की अनेकों मामले प्रकाश में आयेगा यह कटु सत्य है। लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा सुस्ती और लापरवाही बरतने का परिणाम है कि जिला मुख्यालय सहित जिला के अन्य भागों में विधुत की चोरी धड़ल्ले से हो रही है।एक पक्ष यह भी है कि विद्युत चोरी विभागीय अधिकारियों के मिली भगत से भी हो रहा है और बदले में कुछ चढ़ावा विभागीय अधिकारियों तक पहुंचता है। जब अधिकारियों को समयानुसार चढ़ावा नहीं पहुंचता है तो छापेमारी कर कारवाई सुनिश्चित किया जाता है। यह एक गंभीर मामला है और इसका खुलासा उच्चस्तरीय जांच से ही होगा कि आखिर सच्चाई क्या है? एक मामला यह भी है कि विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को समयानुसार बिल विपत्र नहीं दिया जाता है और एकही बार मोटी राशि का बिल विपत्र उपभोक्ताओं को थमाया जाता है जिससे उपभोक्ताओं के लिए सरदर्द हो जाता है। बार बार उपभोक्ताओं द्वारा बिल विपत्र के लिए विभागीय अधिकारियों को ध्यान आकृष्ट कराने के बाद भी बिल विपत्र उपलब्ध नहीं कराया जाना यह साफ़ जाहिर होता है कि जिले में विभागीय अधिकारी लापरवाह और तानाशाह हैं। तो आखिर इनके विरुद्ध आखिर कारवाई कौन करेगा और कब? एक सवाल यह भी है कि जिले में वर्षों पुरानी जर्जर विद्युत तार और खम्भे को आखिर कौन बदलेगा ताकि उपभोक्ताओं को समयानुसार निर्वाध गति से विद्युत आपूर्ति किया जाये। बताते चलें कि नबीनगर विद्युत अवर प्रमंडल के हरदता, बैरांव, जमुआ विद्युत ग्रीड से विद्युत आपूर्ति वर्षों पुराने विद्युत खंभे और तार जो काफी अत्यंत जर्जर हो चुका है नतीजतन अक्सर तार और खम्भे गीरते रहने के कारण आय दिन विद्युत आपूर्ति बाधित होते रहता है। जर्जर तार हमेशा पेड़ों के टहनियों से स्पर्श होकर विद्युत आपूर्ति में खलल डाल रहा है लेकिन वैसे पेड़ के टहनियों को समयानुसार छंटाई नहीं किया जा रहा है। उपरोक्त मामले में लापरवाह विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध आखिर कारवाई कब होगी और कौन करेगा यह भी एक यक्ष प्रश्न उपभोक्ताओं के बीच खड़ा है।