केन्द्रीय न्यूज डेस्क ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा
बिहार के पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश के बने रहने और नहीं बने रहने पर देश व्यापी बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग कह रहे हैं कि दीपक प्रकाश को असंवैधानिक तरीके से वगैर किसी सदन के सदस्य बने दुसरी बार मंत्री बना दिया गया तो कुछ लोग कह रहे हैं कि दीपक प्रकाश को संवैधानिक रूप से दुबारा मंत्री बनाया गया है। यह चर्चा

देशव्यापी छिड़ा हुआ है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी सरकार और दीपक प्रकाश को नोटिस दिया है। सर्वोच्च न्यायालय से नोटिस जारी होने के बाद से चर्चा का माहौल और गर्मा गया है। लेकिन जानकारी के अनुसार 146दिन (लगभग ) पांच महीने तक ही पहले मंत्री बने और सरकार बदल गई। इस वजह से दिपक प्रकाश छः माह मंत्री नहीं रह सके।जब 22दिन के अंतराल पर दीपक प्रकाश को नई सरकार में मंत्री बनाया गया तो उनके पारी शपथ के दिन से छः माह के अंदर किसी सदन का सदस्य बनना आर्टिकल 164(4) के अनुसार बनना अनिवार्य होगा। ऐसे में पुरी उम्मीद है कि अंततः सर्वोच्च न्यायालय ने दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर नियुक्ति संवैधानिक करार देगा और तब चर्चा का पूर्ण विराम होगा।

