डॉक्टर से मारपीट में आरोपित गिरफ्तार, सदर अस्पताल में ईलाज के दौरान इमरजेंसी वार्ड में बवाल व कर्मियों में गुस्सा

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट


बिहार में और खासकर नवादा में डबल इंजन की तथाकथित सुशासन की सरकार एवं कानून के राज में आज असमाजिक तत्वों का मनोबल कमने के बजाय गुणात्मक वृद्धि हुई है। पूरे बिहार व खासकर नवादा में हत्या,लुट,बलात्कार,घोटाला के अंतहीन काले कारनामों की कुकृत्य का सिलसिला अनवरत धाराप्रवाह जारी है। बालू और शराब माफिया समेत अपराधी का मनोबल इतना ज्यादा बढ़ गया है कि अब सरकारी कर्मियों व कार्यालयों के साथ ही पुलिस प्रशासन पर जानलेवा हमले से निरंतर आगे बढ़ कर अस्पतालों तक बेरोकटोक जा पहुंचा है। फिलहाल, जिले में एक से बढ़कर एक कई हृदयविदारक अमानुषिक काले कारनामों का बेशर्मी से निडरतापूर्वक घिनौने अंजाम देने में असमाजिक तत्वों में प्रतियोगिता जारी है। बीते चंद दिनों में जिले के अंतर्गत धमौल थाने के पास चौकीदार की छुरा घोंपकर हत्या, वारसर्लीगंज में दलित महिलाओं से दुष्कर्म, नारदीगंज में ASI पर ही बालू से भरे ट्रैक्टर से कुचल देना, नरहट में महिला उत्पीड़न, रोह बाजार में सांप्रदायिक उन्माद तथा नवादा नगर में दर्जनों घटित घटनाएं इसके प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं तो और क्या है ? बालू और शराब माफिया की ओर से पुलिस टीम पर निरंतर हमले जैसी कुकृत्यो के उपरांत रविवार कल नवादा सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ मारपीट की निंदनीय घटना ने तथाकथित सुशासन की चाक चौबंद सुरक्षा और व्यवस्था दोनों पर जबर्दस्त गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है।
उक्त हादसा उस वक्त हुई,जब सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर कार्यरत चिकित्सक डॉ श्रीकांत कुमार घायलों का उपचार कर रहे थे। बताया जाता है कि नगर थाना क्षेत्र के सिसमा में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में घायल लोगों के ईलाज हेतु सदर अस्पताल नवादा पहुंचे थे। एक पक्ष से सुरेन्द्र सिंह और उसके पुत्र अनुज कुमार घायल थे। वहीं, दूसरे पक्ष से सुरेश पासवान भी घायलावस्था में ईलाज हेतु सदर अस्पताल नवादा लाया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नवादा इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर सभी भर्ती मरीजों को एक -एक कर इलाजरत थे। इसी बीच अनुज कुमार कथित रूप से पहले अपने ईलाज को लेकर वहां गैरजरूरी दबाव बनाने लगा। इसी दौरान अनुज के पक्षधर लोगों ने कार्यरत चिकित्सक को भद्दी-भद्दी गाली -गलौज शुरू कर दिया। विरोध करने पर स्थिति अचानक भयानक स्वरूप ग्रहण कर लिया। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की घटना को अंजाम दे दिया गया। घटना के उपरांत कुछ देर के लिए सदर अस्पताल परिसर में जबर्दस्त अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। भयभीत स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल नगर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। त्वरित कारवाई करते हुए आरोपी युवक अनुज कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान नवादा नगर के सिसमा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह के बेटा के रूप में हुई है।
इधर, गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर ईलाज के लिए बाहर रेफर कर दिया गया। वहीं, चिकित्सक के साथ हुई मारपीट की घटना से अस्पताल कर्मियों में भारी दहशत और आक्रोश व्याप्त है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल नाम मात्र का है। पीड़ित चिकित्सक श्रीकांत कुमार ने भी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आगे बताया कि नवादा अस्पताल में किसी भी समय असमाजिक तत्वों द्वारा पहुंचकर अभद्रता और मारपीट की घटना तो आजकल आम बात हो गई है। उन्होंने बताया कि चैम्बर में समुचित सुरक्षा के साथ दरबाजे तक भी दुरुस्त नहीं रहने के कारण खुद को सुरक्षित भी नहीं कर सकते हैं।
नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने बताया कि सदर अस्पताल नवादा में चिकित्सक के साथ मारपीट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपित अनुज कुमार को पुलिस द्बारा गिरफ्तार कर लिया गया है। सिसमा गांव में मारपीट के मामले में सुरेश पासवान को भी गिरफ्तार किया गया है। डॉक्टर के साथ मारपीट के आरोपित शराब के नशे में चूर पाया गया है। पुलिस की ओर से अग्रेत्तर करवाई की जा रही है।
पूर्व भी हुई डॉक्टर से मारपीट : यह कैसी ग़ौरतलब विडंबना है कि सदर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों के साथ हिंसा की यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी चिकित्सक मनोज कुमार के साथ मारपीट की घटना सामने आ चुकी है। लगातार हो रही इसी तरह की अमानवीय कारनामों ने स्वास्थ्य कर्मियों के बीच भारी दहशत और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। अब यहां बड़ा सवाल यह उत्पन्न हो गया है कि जब जीवन बचाने वाले चिकित्सक या दूसरा गौड ही अस्पताल में सुरक्षित नहीं है, तो आखिर आम जनता और मरीज समेत उनके परिजन भी खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेंगे ? नवादा सदर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े लंबे अरसों से लगातार उठ रहे सवालों ने पुलिस – प्रशासन के सामने मुंहवाये एक अति गंभीर यह नई चुनौती खड़ी कर दी।