अम्बा (औरंगाबाद )खबर सुप्रभात समाचार सेवा
बिहार में कहने को तो सुशासन और कानून के राज है। शिक्षा स्वास्थ्य और बीजली के क्षेत्र में सरकार बड़े बड़े दावा करते थक नहीं रही है।नियम और कानून को ताख पर रखकर काम करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने का बात सरकार करती है। लेकिन औरंगाबाद जिले में सचाई कुछ और ही प्रकाशन में है और आम चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार जिले के कुटुम्बा प्रखंड अंतर्गत दर्जनों मध्य विद्यालय में वरीय शिक्षक के जगह कनीय शिक्षक प्रभारी बने हुए हैं। इससे साफ़ जाहिर हो रहा है कि सरकार के दावे का असलियत कुछ और है।इस संबंध में कुटुम्बा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रणविजय कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।हला की जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार से पुछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मुझे नहीं है। यदी इसकी जानकारी मुझे प्राप्त होता है तो आवश्यक कार्रवाई किया जायेगा।अब सवाल यह उठता है कि यदि जिला शिक्षा पदाधिकारी ही अनभिज्ञ हैं तो जिले में शिक्षा व्यवस्था कितना दुरुस्त होगा इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इस संबंध में अपना नाम नहीं छापने के शर्त पर एक विद्यालय अध्यापक ने बताया कि प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय झखरी,देउरा, मंझौली,करमडीह,दरीया पुर महशु, हिंदी कोझी के अलावे दर्जनों ऐसे विद्यालय हैं जहां वरीय नहीं कनीय शिक्षक प्रभारी बने हुए हैं।

