पीड़िता को प्रतिकर देने का आदेश

अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा


व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में एसीजेएम सात संदीप कुमार सिंह के कोर्ट ने देव थाना कांड संख्या -05/16 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए तीन अभियुक्त मुन्ना कुमार मेहता, संजय कुमार मेहता और लखीया देवी सटवट देव को भादंवि धारा -323/34,325/34, 50434 में दोषी करार देते हुए पूर्व में कोई अन्य अपराध नहीं करने के कारण परिवीक्षा का लाभ एक साल तक सदाचरण करने का आदेश दिया और पीड़िता सूचक मीना देवी सटवट देव को दस हजार रुपए प्रतिकर देने का आदेश दिया, और कहा कि साल भर कोई शिक़ायत नहीं आने चाहिए, अनुमंडलीय अभियोजन पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि अभियुक्तों पर कोर्ट से संज्ञान 10/06/16 को हुई थी और आरोप गठन-17/09/16 को हुई थी, अभियोजन की ओर से 06 गवाही हुई थी,अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी सूचक ने कहा है कि 08/01/16 को 09 बजे दिन में खेती कर रहे थे तो अभियुक्तगण आए और खेत कोडने लगे, मना करने पर मारपीट कर मेरे खेत के धान के बोझा में आग लगा दिया था, वहीं एक दुसरे केस फेसर थाना कांड संख्या -59/22 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को भादंवि धारा -341/34,323/34 में दोषी करार देते हुए परिवीक्षा का लाभ दिया गया और एक साल तक सदाचरण का आदेश दिया गया है इस अवधि में कोई शिक़ायत नहीं आने चाहिए,एपीओ निधि अवस्थी ने बताया कि अभियुक्तों पर संज्ञान 23/11/23 को हुई थी और आरोप गठन -09/01/24 को हुई थी इस वाद में भी अभियुक्तों को आदेश दिया गया है कि पीड़ित सूचक रूपेश कुमार और जख्मीयो को पांच हजार रुपए प्रतिकर दें,
इन दोनों केस में प्रतिकर का लाभ सूचको को मिलने का खबर की चर्चा न्यायालय परिसर में हो रही थी।