30 अक्टुबर आते ही मेरे आंखों के सामनें कोठारी बंधुओं का बलिदान का दृश्य घुमनें लगता है : जितेन्द सिंह
सुनील कुमार सिंह की रिपोर्ट 30 अक्टुबर 1990 का दृश्य मेरे मानस पटल पर अभी भी फिल्मों की तरह घुमने लगता है जव 30 अक्टुबर की तिथि आती है। श्री सिंह नें अश्रुपुरीत नेत्रों से प्रेस प्रतिनिधि को बताया कि राम मंदिर अभियान अपने पुरे चरम पर था। विवादित ढाँचा को हटाने के लिए पुरे […]


