हसपुरा (औरंगाबाद ) ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा
हसपुरा औरंगाबाद जनवादी लेखक संघ, औरंगाबाद इकाई के तत्वावधान में साहित्यकार समागम के तहत इटवां रोड स्थित आईटीआई, हसपुरा के सभागार में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्रीनिवास मंडल ने की। कवि गोष्ठी में साहित्य और समाज के बदलते सरोकारों पर गंभीर विमर्श के साथ कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों, विसंगतियों और आम आदमी की समस्याओं को स्वर दिया। कविताओं में व्यवस्था की खामियों पर सवाल उठाने के साथ सामाजिक बदलाव की आकांक्षा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इस अवसर पर प्रो. अलखदेव प्रसाद अचल, सन्ना उल्लाह अहमद रिनवी, अम्बुज कुमार, गोपेन्द्र कुमार गौतम, शशिभूषण कश्यप, रविनन्दन, शमशाद आलम शम्स, सुधीर कुमार, मुमताज दानिश, राजेश कुमार विचारक और शम्भू शरण सत्यार्थी ने अपनी-अपनी कविताओं का पाठ किया। कवियों ने भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों और समाज में व्याप्त विभिन्न विसंगतियों को अपनी रचनाओं का विषय बनाते हुए श्रोताओं को सोचने के लिए प्रेरित किया। कविता पाठ के दौरान सभागार में साहित्यप्रेमियों की सक्रिय सहभागिता रही। कवियों की रचनाओं में जनजीवन की वास्तविक परिस्थितियों, आम आदमी की पीड़ा और बेहतर समाज की आकांक्षा को प्रमुखता मिली। गोष्ठी ने यह संदेश दिया कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने और उसमें बदलाव की चेतना पैदा करने का सशक्त माध्यम भी है। कार्यक्रम के अंत में सत्यदेव सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी रचनाकारों, साहित्यप्रेमियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के साहित्यिक आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में साहित्यिक चेतना को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को रचनात्मक संवाद से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

