मदनपुर की बिजली ब्यवस्था ध्वस्त, केवल बिल का वसुली कर रहा विभाग, मुख्यमंत्री का घोषणा बेअसर, सरकार को बदनाम कर रहे हैं अधिकारी

मदनपुर से सुनील कुमार सिंह की रिपोर्ट


मदनपुर की बिजली व्यवस्था, गर्मी में मरे जनता -सिर्फ बिल चाही बन चुकी है। बिते एक सप्ताह से चाहे दिन हो या रात सिर्फ कट – सिर्फ कट हो रही है। एकतरफ जनता इस भीषण गर्मी में बेचैन है, तो वहीं किसान की धान की रोपणी का काम बाधित है। कभी संयोग से बिजली कुछ देर के लिए आ भी गयी तो भोल्टेज 100 से 130 के आसपास ही रहती है । नतीजन पंखा सिर्फ हिलता – डुलता है, पानी का मोटर सिर्फ घों – घों के आबाज करता है, लेकिन पानी नहीं देता । क्या बिहार में यही बहार है, ऐसी व्यवस्था को ही सुशासन की व्यवस्था कहते हैं। क्या माननिय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दावा सिर्फ हवा – हवाई था कि राज्य के किसानों को सुवह 6:00 बजे से संध्या 6:00 बजे तक निर्वाध रूप से बिजली दी जायेगी जिससे धान की रोपणी का काम बाधित नहीं होगा। या फिर बिजली विभाग द्वारा वर्तमान सरकार को बदनाम करनें के लिए ऐसी बिजली आपूर्ति की जा रही है । पुछता है भारत – पुछती है बिहार की जनता ? क्या एक लोक कल्याणकारी राज्य की यही परिभाषा गढ़ी जा रही है कि जनता ऐसे ही गर्मी में बिना बिजली के जिओ ?