डीके अकेला का रिपोर्ट
नवादा ०९ मार्च २६ : देश के अंतर्गत बहुत चर्चित एवं जुझारू महिला संगठन”अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति,”समता ज्ञान विज्ञान समिति , श्रमिक ट्रेड यूनियन सीटू ,किसान सभा कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी समेत सभी जनवादी संगठनों के प्रगतिशील लोगों ने अंर्तराष्ट्रीय

महिला दिवस के अवसर पर एकजूटता प्रदर्शित करते हुए नवादा नगर में गगन भेदी नारों के साथ विशाल रैली निकाली जो काफ़ी प्रभावकारी रहा । नवादा के भगत सिंह चौक पर महिलाओं को संवैधानिक प्रदत्त अधिकार ,लैंगिक भेदभाव के खिलाफ ,हिंसा और भूख से मुक्ति , महिलाओं के इज्ज़त आबरू से खिलवाड़ की जड़ेमुल से समाप्ति,समान काम का समान मजदूरी एवं सभी बेरोजगारों को रोजगार की गारंटी, उचित न्याय, वाजिब हक और न्यायोचित सामाजिक समानता के लिए ही यह रैली निकाली गयी। इसके बाद सभा में नेताओं ने जमकर अपनी बात रखी। जिसका नेतृत्व एडवा के जिलाध्यक्ष एवं प्रखर बुद्धिजीवी सशक्त महिला नेत्री पुष्पा कुमारी एवं सचिव विनीता कुमारी , सीपीएम के वरिष्ठ नेता प्रो.नरेश चंद्र शर्मा , श्रमिक के चहेता शह लोकप्रिय नेता कामरेड रामरतन सिंह , सीपीएम के जिला सचिव दानी विद्यार्थी ,विजय कुमार एवं सीमा कला आदि नेताओं ने जन सभा को संबोधित किया। भगत सिंह चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए एडवा के जिलाध्यक्ष पुष्पा कुमारी ने कहा यह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मेहनतकश महिलाओं के स्वर्ण अक्षरों में भावी इतिहास में लिए समर्पित है। आज हमें जो भी अधिकार मिला है,वह संघर्ष के उपरांत हीं मिला है। संघर्ष ही असली जीवन है।आज ये भाजपा और आरएसएस की सरकार देश को सांप्रदायिक कारपोरेट के हाथों सौंपना चाह रही है। वर्ष 1908 में न्यूयार्क के कपड़े सिलने वाली महिला मजदूरों ने संघर्ष किया और काम के लिए ८ घंटे,मजदूरी बढ़ाने ,वोट का अधिकार आदि जीत हासिल किया। आज मोदी सरकार धीरे – धीरे संविधान प्रदत्त अधिकार छीनकर सारी सुविधाओं से बंचित करने की घृणित अमानुषिक प्रयास में एडिचोटी एक कर रही है। इसके खिलाफ हम सभी देशभक्तों और देशप्रेमियों को संघर्ष करने की जरूरत है। एडवा के नवादा जिला अध्यक्ष और बिहार राज्य के उपाध्यक्ष पुष्पा कुमारी कहा कि मैं आह्वान करती हूँ की आगामी 24 मार्च को दिल्ली में भाजपा के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आयोजित विशाल रैली में शामिल होकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर आवाज को बुलंद करे। महिलाओं का सशक्तिकरण करना ही असली अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की प्राथमिकता एवं सार्थिकता है। हम होंगे कामयाब जैसे राष्ट्रीय लोक गीत के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई।
रिपोर्ट : डी.के. अकेला, नवादा।
