” शिक्षा के व्यावसीकरण के युग में एकल विद्यालय बच्चों में शिक्षा के साथ – साथ शील, संस्कार एव राष्ट्रीयता का अलख जगा रहा है

सुनील कुमार सिंह खबर सुप्रभात समाचार सेवा

आज के बच्चे कल के भविष्य हैं। सुदूर ग्रामिण क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा के साथ -साथ शील, संस्कार एवं राष्ट्रबाद का अलख जगानें में एकल विद्यालय अनवरत प्रयाशरत है। आज की महंगी एवं व्यावसायिक शिक्षा के बिच एकल विद्यालय सुदूर ग्रामिण क्षेत्रों में विद्यालय अवधि के बाद के समय में बच्चों में शील, संस्कार एव राष्ट्रीयता का अलख

जगाने का काम कर रही है। मदनपुर संकुल में बीस की संख्या में प्रशिक्षित आचार्यों के द्वारा एकल विद्यालय का केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। मदनपुर का दक्षिण एवं पुरव का जंगल तटीय क्षेत्र जहाँ नक्सलबाद बारूद का गंध घोल दिए थें, उन क्षेत्रों में एकल विद्यालय राष्ट्रीयता की खुश्बु बिखेर रहा है। इसी क्रम में दिल्ली से आये एकल विद्यालय की केन्द्रिय टीम नें रानीकुँआ स्थित केन्द्र का औचक निरीक्षण किया । आचार्या रेणु देवी द्वारा बच्चों में दिए गये शिक्षा के साथ -साथ शील, संस्कार एवं राष्ट्रीयता के गुण को टीम ने खुब सराहा एवं कुछ तकनीकि टिप्स भी बताया
केन्द्रिय टीम में मुकेश चौधरी, दिनेश मुखर्जी, निरंजन दास, सुनील कुमार राय, कलेश्वर वर्मा, संजय द्विवेदी, पंकज कुमार, रविन्द्र कुमार ‘रवि ‘, आनंद कुमार, अरुण सिंह, प्रदुमन कुमार सहीत स्थानीय समिति के सदस्य शामिल थें ।