नकाबपोश अपराधियों के निरंकुश हमले में माँ की मौत और घायल बेटी PMCH,पटना में इलाजरत

डीके अकेला का रिपोर्ट


पुरे बिहार में व खासकर नवादा जिला में पिछले लम्बे अरसे से हत्या,लूट,बलात्कार, अपहरण,घोटाला तथा अत्याचार की अनगिनत क्रूर घटनाओं के प्रत्यक्ष प्रमाण व गवाह सर्वविदित भरेपड़े हैं. एक पर एक दिल दहला देने वाली और रोम सिहराने वाली घटनाएं लगातार घटित हो रही है. इसी की

अगली कड़ी के बतौर यह घटित घृणित घटना नवादा की ताज़ा है,जो निम्न है : – नवादा नगर के अंतर्गत राजेंद्र नगर मोहल्ले में कल शाम करीब सात बजे चार-पांच नकाव पोश अपराधियों ने जनसंहार करने की नापाक मंशा से पूर्ण योजनाबद्ध ढंग से सावित्री देवी के घर में घुस गया. सावित्री देवी को घर घुसते ही पहले कब्जे में लेकर मुंह में कपड़ा ठूस दिया.घर में लगी बिजली लाईन गुल कर दिया. इसके बाद हृदयहीनता से क्रूरतापूर्वक उक्त नृशन्स घटना को अंजाम देना शुरू कर दिया. उन नकावपोश जल्लादों ने पहले तो स्व.रामबृक्ष पासवान की 65 वर्षीय पत्नी सावित्री देवी के एक पैर व एक हाथ तोड़ डाला. इसके बाद फिर तो क्या कहना? दरिंदो ने चाकू और पेचकश से माथे से लेकर पुरे शरीर में गोद रहा था,इसी क्रम में मृतक सावित्री देवी की बेटी प्रांजलि पासवान आई. माँ की जान बचाने की कोशिश करने के दौरान अपराधियों ने 27 वर्षीय प्रांजलि पासवान पर जानलेवा हमला बोल दिया. चाकू और पेचकश से गोदकर अधमरा कर दिया. प्रांजलि पासवान भी अभी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है.प्रांजलि की ईलाज अभी पीएमसीएच, पटना में चल रहा है. मृतक सावित्री देवी की लाश को लेकर सैकड़ों आक्रोषित उनके परिजनों, शुभ चिंतकों और न्याय पसंद लोगों ने सड़क जाम नवादा जिला समाहरनालय का घेराव किया. घेराव स्थल जिला नवादा समाहरनालय के पास पहुंच कर SDO, DSP, SP समेत जिले के संबंधित सभी आला अधिकारियों ने कहा कि जल्द से जल्द ही पीड़ित परिवारों को उचित न्याय और दोषी को कठोर दंड मिलेगा. साथ ही पीड़ित परिवारों को सरकार प्रदत सभी सुविधाएं मुहैया कराई जायगी. तदोपरान्त रोड जाम समाप्त और समाहरनालय घेराव खत्म हुआ. समझौता वार्ता के बाद मृतक सावित्री देवी की लाश को पोस्टमार्टम के लिए नगर पुलिस सदर अस्पताल नवादा ले गई.जिले की जनता की ज्वलंत सवाल आज भी सबों की जुवाँ पर तैर रहा है कि उक्त घटित घटना कोई बड़ी नहीं है,मगर सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह की अमानवीय दर्दनाक व शर्मनाक घटनाओं की पुर्नावृति पर आखिर कब तक पूर्ण विराम लगेगा ? यहाँ एक आदमी का मरने का मामला नहीं,बल्कि यमराज को परक जाने का मामला ही प्रधान है।