अम्बा खबर सुप्रभात समाचार सेवा
औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा प्रखंड में षष्ठम वित आयोग के राशि क्या वास्तव में घोटाला और मनमानी का भेंट चढ़ गया या फिर राजनैतिक हथियार बनते जा रहा है। यह मामला पुरे प्रखंड क्षेत्र में चर्चा का विषय बनते जा रहा है। इस संबंध में आज के लगभग 4-5माह पूर्व कुटुम्बा के 19 पंचायत समिति


सदस्यों ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित आवेदन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सह बीपीआरओ सह कार्यपालक पदाधिकारी हरेंद्र कुमार चौधरी को देते हुए षष्ठम वित आयोग के राशि का खर्च और किये गए कार्यों का ब्योरा उपलब्ध कराने का मांग किया था लेकिन आज तक ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। आखिर पंचायत राज पदाधिकारी सह बीपीआरओ सह कार्यपालक पदाधिकारी हरेंद्र कुमार चौधरी द्वारा ब्योरा उपलब्ध क्यों नहीं कराया गया यह एक अबूझ पहेली बनते जा रहा है साथ ही कई सवालों को भी जन्म दे रहा है जो स्वभावीक है। क्या षष्ठम वित आयोग के राशि वास्तव में घोटाला और मनमानी का भेंट चढ़ गया है? क्या कुटुम्बा प्रखंड में जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों के हक और अधिकारों का दमन किया जा रहा है? क्या कुटुम्बा प्रखंड में “न खाता न बही चाचा केसरी कहें वही सही”फार्मूला चरितार्थ किया जा रहा है? इसके अलावे प्रखंड क्षेत्र में यह भी चर्चा सुना जा रहा है कि जब आज से लगभग 4-5माह पूर्व पंचायत समिति सदस्यों द्वारा पंचायत राज पदाधिकारी सह बीपीआरओ सह कार्यपालक पदाधिकारी से ब्योरा उपलब्ध कराने हेतु आवेदन दिया गया था और ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया गया तो अभी तक पंचायत समिति सदस्य इतने समय तक लम्बा इंतजार आखिर क्यों कर रहे थे और किस चीज का इंतजार कर रहे थे? क्या सोमवार को दो पंचायत समिति सदस्य अजय कुमार मेहता और अतुल पाण्डेय द्वारा जो गंभीर आरोप लगाया गया है उसे अंतिम मुकाम तक पहुंचाते हुए पार्दर्शिता पूर्ण जांच करायेगें अथवा फिर कुम्भकरणी निद्रा में सो जायेंगे? उपरोक्त सभी यक्ष प्रश्न का परिणाम का इंतजार आम लोगों को है और जब तक कोई ठोस जांच और सच्चाई प्रकाश में नहीं आएगा तब तक चर्चा का बाजार गर्म रहेगा और इसके लिए पंचायत समिति सदस्यों द्वारा कौन सा रणनिती बनाया जाएगा इसके लिए आम लोगों को बेसब्री से इंतजार है।