आलोक कुमार केन्द्रीय न्यूज डेस्क खबर सुप्रभात
बिहार के राजधानी पटना दो दिनों से जल रहा है। हत्या आगजनी और उपद्रवियों तथा पुलिस के बीच भी भागा भागी का खेल से प्रदेशवासियों के बीच यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या प्रदेश में लायन आर्डर का धज्जी उड़ाया जा

रहा है और पुलिस प्रशासन उपद्रवियों के बीच बौना साबित हो रही है तो क्या अब बिहार में पुलिस का एकबाल खत्म हो गई है? यदि नहीं तो एक तरफ़ पुलिस महानिदेशक क्राइम मीटिंग अपने अधिनस्थ पुलिस पदाधिकारियों के साथ कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे तो दूसरी तरफ़ राजधानी पटना में ही अपराधियों तथा उपद्रवियों द्वारा गोली बारी कर पुरे

राजधानी में लायन आर्डर तथा कानून ब्यवस्था और पुलिस को चुनौती दिया जा रहा था। अपराधियों द्वारा दो गुटों के बीच भीषण गोलीबारी में तीन लोगों को हत्या कर दिया गया तथा चार लोगों को गंभीर रूप से घायल होने का भी खबर प्राप्त हो रहा है। जानकारी के अनुसार 19फरवरी को पुलिस

महानिदेशक आर एस भट्ठी द्वारा पुलिस पदाधिकारियों के साथ क्राइम मिटींग कर जहां कानून ब्यवस्था का समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिया जा रहा था तो दूसरी तरफ राजधानी पटना में गोली बारी के घटना का अंजाम देते हुए तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया तथा चार लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद दुसरे दिन भी अपराधियों द्वारा पटना तथा आस पास आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया गया। घटना में हत्या और जख्मी होने के साथ साथ आगलगी में कई वाहन और मकान भी जल कर राख में तब्दील हो गया है। अब सवाल यह उठता है कि जब चंद माह पूर्व बिहार में आर एस भट्ठी को प्रदेश का नया पुलिस कप्तान बनाया गया था तो प्रदेश वासियों में एक नई उम्मीद और अपेक्षा का संचार हुआ था। लेकिन राजधानी पटना सहित राज्य के भिन्न भिन्न जिलों में जिस तरह अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और अपराधियों द्वारा आपराधिक घटनाओं का अंजाम दिया जा रहा है उससे साफ जाहिर होता है कि क्या प्रदेश में आर एस भट्ठी के पुलिस अपराध नियंत्रण में फेल हो रहा है? पटना समेत समस्तीपुर और जहानाबाद के घटना और पीछले माह छपरा के घटनाओं से प्रदेशवासियों में पुलिस ब्यवस्था और लायन आर्डर पर सवाल उठना लाजिमी है।