औरंगाबाद जिले में दाउदनगर अनुमंडल के शमशेर नगर में सैंकड़ों वर्ष पुरानी मुकबरा आज राजनैतिक उपेक्षा का दंश झेल रहा है। जानकारी के अनुसार यह मुकबरा को कांग्रेस सरकार में 80 के दशक में पर्यटक स्थल घोषित किया गया था और तब लगता था कि अब इस मुकबरा का दिन दशा बदलने वाला है लेकिन दुर्भाग्य रहा कि सरकार कुछ ही महीनों में बदल गई और तब धिरे धिरे मुकबरा भी उपेक्षित होने लगा , लेकिन लोगों को ध्यान आकृष्ट कराने के बाद

राष्ट्रीय जनता दल के सरकार में तत्कालीन पर्यटन राज्य मंत्री रहे सुरेश पासवान ने इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने और पर्यटक का विकास के लिए कुछ फंड भेजे थे लेकिन कुछ ही दिनों के बाद राजद का भी सरकार सत्ता से हट गई और तब से आज तक यह मुकबरा राजनैतिक उपेक्षा का दंश झेल रहा है और धिरे धिरे खंडहरनुमा बनते जा रहा है ओर लावारिस पशु तथा जानवर का बसेरा बनते जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके प्रति राजनैतिक उपेक्षा का ही नतीजा है कि सरकार और जिला प्रशासन का ध्यान नहीं है तथा उपेक्षा के कारण मुकबरा का धिरे धिरे स्तित्व समाप्त हो रहा है।