बाल न्यायालय से आयी फैसला,विधि विरूद्ध किशोर दोषी करार

अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा


व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद अवस्थित बाल न्यायालय के विशेष न्यायाधीश विश्व विभूति गुप्ता ने बाल न्यायालय वाद संख्या -28/22, दाउदनगर थाना कांड संख्या -337/22 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए एकमात्र विधि विरूद्ध किशोर को दोषी ठहराया है अपर लोक अभियोजक रामनरेश प्रसाद ने बताया कि विधि विरूद्ध किशोर को भादंवि धारा -302 में दोषी करार दिया गया है विधि विरूद्ध किशोर सुरक्षित स्थान बभनडीह औरंगाबाद में आवासित है सज़ा के बिन्दु पर सुनवाई के तिथि -14/09/26 निर्धारित किया गया है, अभियोजन की ओर से 06 गवाही हुई है विगत दो दशकों में यह पहला केस है जिसमें बाल न्यायलय द्वारा किसी विधि विरूद्ध किशोर को दोषी ठहराया गया है , अभियोजन की ओर से 06 गवाही हुई थी, अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी सूचक दिनेश यादव नालबंद टोला , वार्ड 08 दाउदनगर ने 20/06/22 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें कहा था कि 19/06/22 को रात्रि 08 बजे परिवार के साथ अपने घर के दरवाजे पर बैठा था तभी मेरा लड़का अक्षय कुमार को विकास कुमार फोन कर घर से बाहर बुलाता है अक्षय घर से बाहर चला जाता है तो अन्य बालिग अभियुक्तों के साथ विधि विरूद्ध किशोर धारदार चाकू से हमला कर अक्षय कुमार को शान्ति भवन के पास छोड़ देता है हल्ला होने पर परिजनों के साथ शान्ति भवन की ओर गया तो विधि विरूद्ध किशोर को अन्य अभियुक्तों के साथ भागते देखा अक्षय कुमार शान्ति भवन के कमरा में गिरकर कराह रहा था उसने हमले में विधि विरूद्ध किशोर और विकास का नाम लिया तो इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल दाउदनगर ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया तत्पश्चात पोस्टमार्टम कराया और प्राथमिकी दर्ज कराई