बिजली का आंख-मिचौली सुशासन व कानून का राज को कर रहा तार -तार , अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक नहीं ले रहे ख़बर


अम्बा ( औरंगाबाद ) खबर सुप्रभात समाचार सेवा


बिहार में सुशासन और कानून का राज होने का दावा महज जुमला साबीर हो रहा है। नबीनगर विद्युत अवर प्रमंडल के अंतर्गत हरद्ता (अम्बा ) फीडर के अधिकारी और विद्युत कर्मियों का मनमानी, वर्षों से जर्जर बिजली खंम्भे और तार इस बात का गवाही देने के लिए काफी है। बताते चलें कि हरद्ता बिजली ग्रिड से कभी भी सूचारु रुप से बिजली आपूर्ति नहीं हो पाता है। बिजली आपूर्ति करने का कोई समय सीमा नहीं है जबकि सरकार द्वारा निर्वाध गति से बिजली आपूर्ति करने का आदेश प्राप्त है। सरकार का आदेश का अनुपालन नहीं होना और मेंटेनेंस वर्क समय से नहीं होना बिजली आपूर्ति में सबसे बड़ा बाधक बना हुआ है। बिजली आपूर्ति समयानुसार नियमित रूप से नहीं होने के कारण यहां आम लोगों को जीना दुरसवार हो रहा है। पेयजल आपूर्ति, सिंचाई, पठन-पाठन से लेकर शौचालय और किचन तक प्रभावित हो रहा है। सक्षम और साधन संपन्न लोग तो किसी तरह जी ले रहे हैं लेकिन आम अवाम जो गरीब और लचार लोग हैं उनको ज्यादा परेशानी उठाना पड़ रहा है। लेकिन इस ओर न तो स्थानीय अधिकारियों को ध्यान आकर्षित हो रहा है और नहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को। फलस्वरूप स्थानीय ग्रामीण घुटन और ज़िल्लत के जीवन बसर करने को मजबुर हैं।