सहयोग सह जनकल्याण शिविर पर अव अधिकारियों द्वारा लगाया जा रहा ग्रहण, आधे घंटे में शिविर फेल, क्या सरकार जांचोपरांत जवाबदेही तय कर करेगी कारवाई? माकपा नेता ने उठाया सवाल

हसपुरा ( औरंगाबाद )खबर सुप्रभात समाचार सेवा

औरंगाबाद जिले में बिहार सरकार द्वारा चलाये जा रहे सहयोग सह जनकल्याण शिविर महज खानापूर्ति साबित हो रहा है। पिछले दिनों जिले के हसपुरा अंचल कार्यालय में आयोजित सहयोग सह जनकल्याण शिविर महज आधे घंटे में समाप्त हो गया। जानकारी के अनुसार आयोजित सहयोग सह जनकल्याण शिविर में ग्रामीणों का उपस्थित काफी चिंता जनक था इसलिए आधे घंटे में शिविर को समाप्त कर दिया गया। इससे साफ़ जाहिर होता है कि सहयोग सह जनकल्याण शिविर आयोजित होने का स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रचार प्रसार नहीं किया गया था और तब ग्रामीण जानकारी के अभाव में नहीं पहुंच सके या फिर यदि समय से प्रचार प्रसार किया गया लेकिन ग्रामीणों को सहयोग सह जनकल्याण शिविर पर आस्था और विश्वास नहीं हो पा रहा है जिससे ग्रामीणों ने शिविर के प्रति कोई रुचि नहीं देखा रहे हैं। दोनों स्थिति में कहीं न कहीं स्थानीय प्रशासन जिम्मेवार है और इसकी जांच जिला प्रशासन और सरकार को कराकर जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई करना चाहिए। उक्त बातें माकपा के वरिष्ठ नेता विरेन्द्र प्रसाद ने कहा है। माकपा नेता ने आगे बताया कि हसपुरा ही नहीं पुरे जिले में सहयोग सह जनकल्याण शिविर के नाम पर महज खानापूर्ति हो रहा है और अभी तक जिन क्षेत्रों में सहयोग सह जनकल्याण शिविर आयोजित कर जनसमस्याओं का निष्पादन करने की बात कही जा रही है वहां का श्वेत पत्र जिला प्रशासन जारी करे कि किन जगहों पर जनसमस्याओं का कितना समाधान किया गया है। माकपा नेता विरेन्द्र प्रसाद ने कहा कि अभी भीषण गर्मी पड़ रहा है और नल जल योजना प्रायः फेल है और भीषण गर्मी में बिजली का अघोषित कटौती, बिजली का तार और खम्भे जर्जर है जिसे लोगों जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लेकिन सरकार और जिला प्रशासन अनजान बनी हुई है। सहयोग सह जनकल्याण शिविर के माध्यम से सबसे पहले बिजली और पानी के संकट का समाधान करे।