परिवारवाद और अहम ने ममता को डुबोया, ममता का कार्य शैली भाजपा को फैलने का अवसर दिया


केन्द्रीय न्यूज डेस्क ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा


आज पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद पहली बार भाजपा सरकार बनाने जा रही है और मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री होंगे। सुवेंदु का राजनीतिक सफर 1995में कांग्रेस से प्रारंभ हुआ।1998में ममता बनर्जी के साथ मिलकर TMC के संस्थापक सदस्य हुए।207-8 में

ममता बनर्जी

नंदी ग्राम में वामपंथ के खिलाफ निर्णायक आंदोलन किये।2009-16तक TMC के सांसद रहे।2016में नंदी ग्राम से विधायक बने और 2020 तक बंगाल सरकार में मंत्री रहे। लेकिन जब ममता बनर्जी के भतीजे का प्रभाव TMC में बढ़ने लगा तो सुवेंदु क्षुब्ध होकर भाजपा में शामिल हो गये और आज वही सुवेंदु ममता बनर्जी के लिए गले का फांस बन गये। यदि ममता बनर्जी परिवारवाद का शिकार नहीं होती तो शायद आज दुर्दीन भी नहीं देखती। इसके अलावा ममता का हाई वोल्टेज ड्रामा तथा कार्य शैली ही पश्चिम बंगाल में भाजपा को फैलने का मार्ग प्रशस्त किया है।