अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा
मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्री लाल बिहारी पासवान की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रकोष्ठ में सभी थाना प्रभारियों के साथ बैठक किया गया। इस बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, तान्या पटेल और अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री संदीप सिंह, भी उपस्थित रहे। मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी द्वारा इस बैठ

क में आगामी 9 मई, को अयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफलता हेतु थानाध्यक्षों के द्वारा उनके स्तर से मामलों के चिन्हित कर अपने-अपने थाना क्षेत्र में लोक अदालत के सम्बंध में जागरूक कर अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन करवाने हेतु प्रेरित किया गया। बैठक में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री संदीप सिंह ने थानाध्यक्षों को कहा कि प्राधिकार ने विभिन्न न्यायालयों में लंबित सुलहनीय वादों की सूची थानावार तैयार कर भेजी गयी है। जिसमे आपकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उक्त मामलों में पक्षकारों से सम्पर्क स्थापित कर और अपने-अपने क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, जन प्रतिनिधियों के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित करें कि, उक्त मामलों को खत्म कर भाई चारे प्रेम के वातावरण और विवाद मुक्त समाज बनाने में प्रशासन का सहयोग करें। सचिव ने थानाध्य्क्षों को निर्देशित किया की अगर किसी मामले में पक्षकारों के काउंसलिंग में आवश्यकता पड़े तो वे पक्षकारों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार अथवा संबंधित न्यायालय में भेजें, साथ ही आप अपने थाना स्तर पर ध्यान दें कि लोक अदालत के सम्बंध में निर्गत नोटिस को पक्षकारों तक निश्चित रूप से पहुँच जाये और ध्यान रखे कि नोटिस की तामिला कराते वक्त पक्षकारों के तमिला पर नाम और संपर्क संख्या अवश्य अंकित करा लें, ताकि संबंधित न्यायालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकार अपने स्तर से भी पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत में उनके वादों को निस्तारण कराने में प्रयास करे।
उन्होने ने यह भी निर्देश दिया गया कि अगर आपको जानकारी प्राप्त हो कि सूचक आपके थाना क्षेत्र से बाहर निवास कर रहा है तो आप उसे अपने माध्यम से सम्बंधित थाने से सम्पर्क स्थापित कर वहाँ सूचक को सूचित करें एवं इसकी सूचना प्राधिकार अथवा न्यायालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ-साथ आप सभी अपने इलाके के जनप्रतिनिधियों को बुलाकर लोक अदालत के संबंध में उन्हें जागरूक करें ताकि वह अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर अन्य लोगों को भी लोक अदालत के लिए जागरूक कर अपने गांव मुहल्ले को विवाद मुक्त बनाये।
