डीके अकेला का रिपोर्ट
१८ मार्च को नवादा जिले के अंतर्गत आई टी आई के मैदान में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में चल रहे समृद्धि यात्रा के दौरान उन्होंने ३०० करोड़ के योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। मुख्य मंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि २००५ के पहले बिहार में जंगल व गुंडा राज चल रहा था और आज बिहार में कानून की राज चल रही है। नीतीश कुमार ने कहा कि निश्चित तौर पर बिहार को एक


विकसित राज्य में रूप में स्थापित करना हमारी प्राथमिक कार्यभार है। डबल ईंजन की सरकार में दिनोदिन गुणात्मक विकास द्रुत गति से चल रहा है। पिछले दिनों राजद की सरकार ने बिहार को कूपमण्डूक के ढेर में तब्दील कर दिया था। काफी जोखिम उठाकर पलटू जी चोंगा पहनकर बिहार को कूपमण्डूक और जंगल व गुंडा राज से बाहर निकाला। हमें कुछ लोग पलटू जी कहते हैं। हम यह कहते कोई अफसोस भी नहीं आता है। बिहार के विकास और विकसित और उन्नत राज्य बनाने के लिए चाहे जितना भी पलटनियां मारना पड़ेगा , हमें सहर्ष है। हम पलटनियां अपने लिए या अपने बेटे के लिए नहीं मारते हैं, बल्कि देश ओर समाज के लिए हम राजनैतिक पलटनियां मारते हैं और मारते रहेंगे।
आज बिहार का विकास देख विपक्ष या विरोधियों के पेट में चूहा क्यों कूदक रहा है ? इसलिए कि बिहार राज्य की विकास की बातें तो दूर, सबों ने बिहार को लुटने के साथ जातीय और सांप्रदायिक उन्माद की जहर घोलने का ही सिर्फ एक सूत्री कार्य किया। नीतीश कुमार के सभा में लाखों लोग शामिल थे। सबसे बड़ी खासियत यह थी कि पुरुषों से ज्यादा महिलाएं थी। उसमें भी जीविका दीदी जिन्हें बिहार विधान सभा के चुनाव के बखत दस दस हजार रुपए चुनावी प्रक्रिया के प्रावधान के उलंघन एवं विपरीत काम किया था। जन सभा में उपस्थित कुछ लोगों ने दबे जुवान से कहा कि नीतीश कुमार नीट जहानाबाद के छात्रा से अपने बलात्कारी बेटे को बचाने के लिए यह तिकड़म पूरे राज्य में दिखावटी समृद्धि यात्रा का नौटंकी एवं वाईस्कोप दिखाने की ओझी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है।
