पुलिस अभिरक्षा में हुई संदिग्ध अभियुक्त की मौत, थानाध्यक्ष नवीनगर शक के दायरे में

औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा


नवीनगर पुलिस के द्वारा थाना क्षेत्र के कोयरी डीह के मुख्य केवला फाटक के पास से झाडियों में गोली मारकर हत्या किया गया एक शव को 22 फरवरी 25 को बरामद किया गया था जिसकी पहचान विकास कुमार (35) ग्राम रूपहता, थाना – अमझोर, जिला – रोहतास के रूप में की गयी थी। इसी हत्या की गुत्थी सुलझानें एवं तफ्सीस के क्रम में

पुलिस कार्यालय के समक्ष रोते बिलखते परिजन

नवीनगर पुलिस के द्वारा दो संदिग्ध को उठाकर थानें में लाकर बुरी तरह थ्री डिग्री टॉचर किया गया, ताकी हत्या कांड में अपनी संलिप्ता स्वीकार कर ले। साथ में पुलिस अभिरक्षा में लायी गयी महिलाओं को भी मार पिटाई के साथ बिजली से करेंट के झटके लगातार दिये गये। नतीजन दो गिरफ्तार अभियुक्त में से एक प्रमोद साव की तवियत अचानक खराब होने की बात कहकर पुलिस 03 /03 / 25 की सुबह6.o o बजे के करीव सदर अस्पताल औरंगाबाद इलाज हेतु लाती है, जहाँ उसकी मौत हो जाती है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजन को सौंप दिया जाता है। जैसा कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्रेस नोट जारी कर बताया जाता है। अब संदिग्ध मौत पुलिस अभिरक्षा में होने से तो नवीनगर पुलिस के उपर तो सवाल उठना लाजिमी है ? परिजनों की मानें तो प्रमोद साव की मौत नवीनगर पुलिस के द्वारा मार -पिटाई करने एवं बिजली के करेंट के झटके देनें से हुई है,न कि कोई बिमारी से। अब सबाल उठता है कि हत्या के मामले में गिरफ्तार प्रमोद साव संलिप्त है कि नहीं, यह जाँच का विषय है। अगर दोषी पाया जाता तो न्यायालय उसे कड़ी से कड़ी सजा दे सकती थी। लेकिन विना न्यायालय की शरण में गये ही प्रमोद साव को नवीनगर पुलिस के द्वारा मौत की सजा दिया गया यह कौन सी CRPC या B N S की धारा में दर्ज है ? यह भारत है, तालिबान नहीं। भारतीय संविधान के अंतर्गत भारतीय कानून अपराधी को न्यायालय से दोषी ठहराये जानें के बाद सजा देने की इजाजत न्यापालय को देती है,न कि पुलिस को। मामले में मृतक के परिजनों द्वारा पुलिस अधीक्षक औरंगाबाद को आवेदन देकर जांचोपरांत न्यायसंगत कारवाई का मांग किया गया है। साथ ही परिजनों ने समाहरणालय स्थित पुलिस कार्यालय के समक्ष फ्लोर पर लेटकर रो चिल्ला रही थी तथा नबीनगर पुलिस के कारगुजारी बता रही थी। परिजनों ने मिडिया के कैमरे में भी नबीनगर पुलिस के कारगुजारियों का बखान कर रही थी। अब देखना है कि मामले में आगे क्या होता है।