नवादा में हाथियों का आतंक से दहशत व्याप्त, दो माह में कई लोगों का  हुई मौत

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट



नवादा जिले की कौआकोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंझला पंचायत के बिंदीचक गांव निवासी राजाराम पासवान की जंगली हाथियों द्वारा कुचल कर निर्ममतापूर्वक मौत के घाट उतार दिया। पूरे इलाके में भारी दहशत और कोहराम मच गया है। हाथियों द्वारा मार दिये जाने की सूचना पर कौआकोल पश्चिमी के जिला परिषद सदस्य नीतीश राज मृतक राजाराम पासवान के परिजनों से मिलकर ढांढ़स बंधाया। जिला पार्षद ने वन विभाग तथा सरकार से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा समेत पीड़ित परिजनों के सार्थक भरण और पोषण के लिए एक परिवार को सरकारी नौकरी देने की मांग किया है। उन्होंने विन विभाग से यह भी मांग किया है कि पिछले दो महीने से कौआकोल और गोबिंदपुर में भयंकर दहशत के साए में जी रहे लोगों को घातक वन जीवों से स्थाई सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाए। कौआकोल का इलाका जमुई और झारखंड की जंगलों से सटा होने के चलते आए दिन लगातार हाथियों द्वारा तबाही व कोहराम मचाने का अंतहीन सिलसिला धाराप्रवाह जारी है। यहां आबादी की एक काफी बड़ी संख्या में लोग जंगलों के किनारे बसे हुए हैं ,पर सरकार द्वारा उन लोगों की खतरनाक जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं की है। यह कहने में कोई अतिशयोक्ति अब नहीं है कि* राम भरोसे मानो हिन्दू होटल * चल रहा है।
जिले में अबतक चार लोगों की जान ले चुके हैं हाथी : – जिले में हाथियों द्वारा पिछले दो महीने के भीतर ०४ व्यक्ति और दो मवेशी की जानें ली जा चुकी है। पहली घटना रजौली की है। जहां कोडरमा जंगल की ओर से आए एक हाथी ने २४ मार्च २६ को रजौली प्रखंड के सुअरलेटी इलाके में एक युवक और एक मवेशी को मौत के घाट उतार दिया। मृतक ३० वर्षीय सनोज भुईयां सुअरलेटी गांव के बागड़ी भुईयां का बेटा था। वह घर के बाहर भैंस दूह रहा था, इसी दौरान वो हाथी के चपेट में आ गया था। इसी बीच ०७ अप्रैल को माधोपुर पंचायत के बहिरा डीह गांव में ६१ वर्षीय मुन्ना देवी को हाथियों के झुंड ने कुचलकर मौत के मुंह में ढकेल दिया। वह हाथी को देखकर अपनी झोपड़ी से निकल कर भाग रही थी। इस बीच २३ अप्रैल को हाथी ने जेट सारी में बंधी एक गाय को हाथी ने मार डाला। जबकि ०१मई २६ को माधोपुर के आनंद नगर में हाथी ने ५८ वर्षीय बच्चू राम की जान ले ली। वहीं अब ११/१२ मई २६ को हाथी ने बिंदीचक के फुसबंगला टोले में ६२ वर्षीय राजाराम पासवान को मार डाला। गोबिंदपुर से सतगावां होते हुए कौआकोल पहुंचा हाथी तो जंगली इलाकों में रह रहे लोग अपने घर छोड़कर भागने को हुए मजबूर। पिछले दो महीने से जंगल से सटे गांवों में हाथियों का है भारी आतंक। जंगल के किनारे बसे लोगों की सांसे अटक गई है और दहशत के साए में जीने को विवश व लाचार हैं। अगला नंबर किसकी है, यह कहना बेहद मुश्किल है।