साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, एक किशोर समेत १० गिरफ्तार

डीके अकेला का रिपोर्ट


साइबर अपराध के क्षेत्र में नवादा आज बिहार में ऑयल व सबसे अग्रिम कतार में खड़ा है।जिले के अंतर्गत वारिसलीगंज थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करने में महारथ हासिल कर लिया है। त्वरित पुलिस कारवाई में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया , जबकि एक विधि विरुद्ध किशोर को निरुद्ध किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक

निशु मलिक ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, 19 मार्च को दोपहर करीब 12 बजकर 20 मिनट पर वारिसलीगंज थाना को सूचना मिली कि ग्राम झौर स्थित मुर्गा फार्म के पास कुछ लोग साइबर ठगी की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झौर और गोड़ापर गांव में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान झौर गांव से 5 और गोड़ापर गांव से 6 लोगों को पकड़ा गया। इनमें एक विधि विरुद्ध किशोर भी शामिल है। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 14 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 9 पन्नों का कस्टमर डाटा शीट बरामद किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस सहित अन्य कंपनियों के नाम पर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देता था। आरोपी फेसबुक और अन्य माध्यमों से लोगों के मोबाइल नंबर और डाटा जुटाते थे, फिर खुद को बैंक मैनेजर या कंपनी का कर्मचारी बताकर फोन करते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लोगों से पैसे ठग लिए जाते थे। पुलिस ने इस मामले में वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 189/26 दर्ज कर कई धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत मंडल कारा नवादा में भेजने की प्रक्रिया चल रही है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। साइबर अपराधी कुकुरमुता की तरह सगरो उग आया है। खासकर नवादा जिला आज जामताड़ा समेत सबों को मात दे चुका है। अगर साइबर अपराधियों में क्रिकेट मैच की तरह प्रतियोगिता में नवादा जिला को गोल्ड मेडल लेने से दुनियां की कोई भी ताकत नहीं रोक पाएगा।