बाबा का बुलडोजर बिना सूचित किए नगर भवन के सामने राजेंद्र ट्रस्ट द्वारा संचालित राजेंद्र क्लब व दुकान पर चला

डीके अकेला का रिपोर्ट


नवादा जिले के नगर भवन का सौन्दर्यीकरण के नाम पर आजादी के पूर्व 1905 में स्थापित राजेंद्र ट्रस्ट द्वारा निर्मित राजेंद्र क्लब और कुछ दुकान को दुकानदारों को बिना कोई नोटिस या सूचना दिये आज बाबा का बुलडोजर तोड़ने के लिए नगर भवन में एकाएक गरजने लगा. आक्रोशित ट्रस्ट और क्लब के सचिव डॉ आर पी साहु के नेतृत्व में सैकड़ों दुकानदारों और नगर वासियों ने कड़ा प्रतिरोध किया.
पत्रकारों के द्वारा पूछे जाने पर ठेकेदार के पोटा ने बताया कि

कल ठेकेदार आया था और उसी के बताये गये आधार पर मैं उनके ही इजाजत से काम करवा रहा हूँ. राजेंद्र ट्रस्ट व क्लब के पदाधिकारी और प्रबुद्ध नगरवासियों ने पहले वर्क ऑर्डर और stimit का पेपर पोटा से मांगा गया. ठेकेदार का पोटा ने कहा कि हमारे पास कोई कागजात नहीं है. नगर वासियों ने पूछा कि बिना जानकारी के कैसे बुलडोजर शुरू कर दिया चलाना ,जब तुम्हारे पास कोई पेपर या आदेश नहीं है ? पत्रकारों से टेलीफोन द्वारा ठेकेदार से वार्ता हुई. ठेकेदार ने बताया कि वुडको के पदाधिकारी व नवादा जिलाधिकारी के आदेशानुसार यह बुलडोजर चल रहा है. लोगों ने कहा कि जबतक आदेश की प्रति नहीं उपलब्ध होगी, तबतक तोड़फोड़ का काम अविलम्ब बंद कर दें. इसके बाद जनदबाव और जनविरोध के चलते बुलडोजर चलना बंद हुआ . नवादा के जानेमाने शिक्षाविद एवं चर्चित सामाज सेवी राजेंद्र ट्रस्ट के सचिव आर. पी. साहु ने पत्रकारों से कहा कि हम लोग नगर भवन के सौंदर्यीकरण के विरोधी नहीं है. लेकिन नगर के मशहूर एक अनमोल सामाजिक सामुहिक धरोहर 1905 में निर्मित राजेंद्र ट्रस्ट और 1935 में बने राजेंद्र क्लब व दर्ज़नों दुकानों को तोड़कर नगर भवन सौंदर्यीकरण करना सरासर गलत तथा घोर समाज विरोधी कायराना कारवाई है. वहीं पर राजेंद्र क्लब में कई दशक कार्यरत सचिव ने कहा-आजादी के पूर्व के बने सार्वजनिक संस्थान जो नवादा के अद्वितीय अमूल्य धरोहर तो सिर्फ नेस्तनाबूद नहीं होगा, बल्कि सैकड़ों व्यवसाइयों रोजगार से बंचित होकर भूखों मरने के कगार पर खड़े दिन में ही तरेगन देखते रहेंगे. राजेंद्र क्लब के सचिव ने कहा कि बिना सूचना दिए तोड़फोड़ का काम शुरू कर दिया गया. कितना समान बर्बाद कर दिया. कुर्सी, बेंच, डेस्क, कैरम वॉर्ड अन्य कई समान को बर्बाद कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट, क्लब एवं दुकान के लिए जमीन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा कर दिया जाय तो हमलोगों को कोई विरोध नहीं होगा. बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए बुलडोजर चलने का नवादा नगरवासियों की ओर से सिर्फ विरोध ही नहीं बल्कि विद्रोह होगा।