डीके अकेला का रिपोर्ट
ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) के आह्वान पर आज सम्पूर्ण देशभर में कॉरपोरेटपरस्त केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्र व आम मेहनतकश जन विरोधी बीज विधेयक व बिजली विधेयक 2025 के विरोध में भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की ओर से नवादा नगर में मार्च निकाल कर भगत सिंह चौक पर दोनों काले विधेयक की प्रतियाँ जलाई गई. ऑल इंडिया किसान सभा ने अपनी तमाम इकाइयों से

अपील करती है कि वे 8 दिसंबर 2025 को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल हों और हर गांव में किसानों के हितों पर प्रहार करने वाले बीज विधेयक 2025 और विद्युत् विधेयक 2025 की प्रतियां जलाएं। इसी आह्वान के अलोक में नवादा में भगत सिंह चौक पर दोनों विधेयक की प्रतियाँ को आग के हवाले कर दिया गया. किसान सभा के वरिष्ठ पदाधिकारी सह सीपीएम के नवादा जिला सचिव ने नुक्कड़ सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि ये विधेयक भारत के बीज क्षेत्र को कॉरपोरेट के हवाले करने, किसानों के अधिकारों को समाप्त करने, बिजली के निजीकरण को बढ़ावा देने और गरीब तथा ग्रामीण परिवारों पर बोझ बढ़ाने के लिए तैयार किए गए हैं। ऑल इंडिया किसान सभा के जिला सचिव राम जतन सिंहा ने एआईकेएस से जुड़े सभी किसानों, मजदूरों और लोकतांत्रिक ताकतों से आह्वान किया है कि वे बीज संप्रभुता की रक्षा, आवश्यक सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ प्रतिरोध और राज्यों के संघीय अधिकारों की सुरक्षा हेतु एकजुट हों।
AIKS के नेता अखिलेश सिंह और दानी विद्यार्थी ने कहा यह पुनः स्पष्ट करता है कि गहराते कृषि संकट के समय आरएसएस-भाजपा सरकार कॉरपोरेटपरस्त एजेंडा आगे बढ़ा रही है, जो छोटे किसानों को और अधिक विस्थापित करेगा तथा ग्रामीण संकट को तीव्र करेगा। एआईकेएस प्रत्येक गांव में सशक्त और शांतिपूर्ण विरोध आयोजित करने तथा विद्युत् कर्मचारी यूनियनों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने की अपील करता है, जब तक कि इन जनविरोधी विधेयकों को पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता, ऑल इंडिया किसान सभा का पिछले वर्षों तीन काले कानूनों को जबतक वापस नहीं लिया गया, तबतक किसान आंदोलन धाराप्रवाह जारी रहा. ठीक उसी तरह जबतक दोनों जन विरोधी काले बीज व बिजली विधेयक वापस नहीं लिया जायगा, तबतक शांतिपूर्ण जनतान्त्रिक तरीके से संगठित किसान आंदोलन की धारावाहिकता की कभी कमजोर नहीं, बल्कि धार को और तेज किया जायगा.चाहे जो क़ीमत चुकानी पड़े।
