सुनील कुमार सिंह खबर सुप्रभात समाचार सेवा
मदनपुर प्रखंड परिसर बुधवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। सलैया पंचायत के मुखिया मनोज . कुमार चौधरी एवं सलैया पंचायत के ही पंचायत समिति प्रतिनिधि सह प्रखंड उप प्रमुख प्रतिनिधी उदय यादव एवं उनके समर्थकों के बीच खुब चला फैटम . फैटी । दोनों पक्षों के द्वारा मदनपुर थाना में अलग – अलग प्रार्थमिकी दर्ज करायी गयी है । प्रार्थमिकी सं. 187 /25 दिनांक 26 / 03/25 वादि मनोज कु. चौधरी

(मुखिया सलैया ) के द्वारा दर्ज करायी गयी है जो धारा 191 (2), 190, 126 (2), 1 1 5 (2), 352, 351 (3) बी. एन.एस. एवं 3 (1)( द),3 (1) A अनुसुचित जाति / जनजाति अधिनियम 1989 के तहत् अंकित किया गया है । जिसमें (1) पंकज कु. चंद्रवंशी ग्राम -मोहन विगहा (2) अजीत यादव(3) संतोष यादव ( 4 ) जयराम यादव ( 5 ) उदय यादव (6) रविन्द्र यादव (7) धनंजय यादव (8) संजय यादव सभी सा किनान पीर बिगहा, थाना – सलैया, जि. औरंगाबाद को अभियुक्त बनाया गया है। दर्ज प्रार्थमिकी में आरोप लगाया गया है कि पंचायत समिति सदस्य सह उप प्रमुख प्रतिनिधि उदय यादव एवं उनके साथ आये नामित अभियुक्तों नें मेरे साथ जाति सूचक शब्द (धोवी )
कहते गंदी – गंदी गालियाँ देते हुए मार पिटाई किया एवं जान मारनें की घमकी देते हुए योजना नहीं कराने को बोला ।
तो वहीं दुसरी प्राथमिकी वादी उदय कुमार यादव ग्राम – पीर बिगहा द्वारा कांड सं. 138 /25 दिनांक 26 / 03/25 दर्ज कराया गया है जिसे धारा 186 (2), 115 (2), 358, 3 51 (8) बी. एन.एस. के तहत् पंजीकृत किया गया है। दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि मेरे कार्य क्षेत्र में ग्राम राजा विगहा में जल मिनार निर्माण कार्य, कठौतिया में पी. सी. सी. कार्य तथा कंचनपुर महादलित टोला में सामुदायिक भवन मरम्मती का कार्य किया जाना है। सलैया पंचायत का मुखिया मनोज कुमार चौधरी मेरे द्वारा किए जानें वाले कार्यों में पाँच प्रतिशत की राशि बतौर कमिशन एवं रंगदारी के रूप में माँग करता है जो कि लाखों में होता है। रंगदारी नहीं देने की बात पर काम नहीं करने देने की धमकी देते हुए मेरे साथ गाली -गलौज करते हुए मार पिटाई किया, दोनों हाथों से जान मारने की नियत से कसकर गला दवा दिया । साथ ही गले से डेढ़ भर का सोनें का चेन एवं पौकेट से 7500 सौ रुपया निकाल लिया । दोनों पक्षों से दर्ज प्राथमिकी में आरोप – प्रत्यारोप जो भी लगाया गया हो लेकिन बिबाद का कारण कराये जा रहे योयनाओं में अपना – अपना कमिशन का मामला प्रतित होता है। त्रि -स्तरीय पंचायत प्रणाली में प्रखंड परिसर में जब एक ही पंचायत के मुखिया एवं पंचायत समिति प्रतिनिधी प्रखंड परिसर में एक दुसरे को गंदी -गंदी गालियाँ देते हुए एक दुसरे को मार पिटायी करे, तो यह काफी शर्मनाक बात है। पुरे बुद्धिजिवी समाज नें इस घटना की घोर नींदा की है। इस संबंध में जब प्रखंड विकास पदाधिकारी मदनपुर का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो वे कुछ भी बताने से परहेज़ करते हुए कहे कि घटना के दिन मैं यहां मौजूद नहीं था। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने का जानकारी मिली है इस लिए थाना से ही विशेष जानकारी मिल सकती है। प्रखंड विकास पदाधिकारी का यह कथन भी कई सवाल खड़ा कर रहा है। सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार पंचायतों में चलने वाले योजनाओं में भयंकर लूट और मनमानी व्याप्त है। लूट की राशि में अधिकारियों तक कमिशन बंधें हुए हैं। यदि ऐसा नहीं है तो आखिर अभी तक एक भी जनशिकायत का पारदर्शिता पूर्ण उच्चस्तरीय जांच के बदले जांचकर्ताओं द्वारा लिपापोती क्यों हो रहा है? यदि लिपापोती नहीं है तो जांच में एक भी मुखिया अथवा त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों पर अभी तक प्राथमिकी और कारवाई क्यों नहीं हो सका?