नवादा -पावापुरी नई रेल लाइन हेतु भूमि अधिग्रहण शुरूआत से मिली बड़े सुविधाओं की रफ्तार

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट


नवादा  जिले के जनता की दिलो दिमाग में वर्षों से पलवित हो रही नवादा से पावापुरी नई रेल लाइन का निर्माण की मांग एवं सपना को आज रफ्तार मिलता नजर आ रहा है। नवादा नगर के जनता की समझौताहीन अथक जन आंदोलन की परिणति और शुरूआत है। नवादा तथा पावापुरी के बीच प्रस्तावित रेल लाइन अब बहुत तेजी से व्यवहार में धरातल पर उतरती नजर आ रही है। करीब 25.10 किलोमीटर लंबी इस ऐतिहासिक सार्वजनिक समग्र महत्वाकांक्षी रेल परियोजना के लिए रेलवे ने भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही परियोजना के लिए,86.85 एकड़ भूमि की अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू ही नहीं,बल्कि तेज हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित क्षेत्रों का समग्र रूप से मूल्यांकन कर सीमांकन पुरा कर लिया गया है और प्रभावित भूमि स्वामियों की सूची तैयार कर आगे मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया विधिवत शुरू की जाएगी ।
विदित हो कि उक्त रेलवे लाइन से नवादा और नालंदा दोनों जिलों को लाभ।साथ ही सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। रेलवे यात्रियों को काफी सुविधाएं मिल सकती है। यह प्रस्तावित रेललाइन का करीब 17 से 18 किलोमीटर हिस्सा तो नवादा जिले का ही है, जबकि 5.5 किलोमीटर हिस्सा मात्र ये नालंदा में पड़ेगा। ज्ञात हो कि 492 करोड़ रुपए रूपये से अधिक वाली यह लगत परियोजना दोनों जिलों के विकास में मील का पत्थर साबित होने की सिर्फ उम्मीद ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है। यह रेल लाइन बनने के बाद नवादा, पावापुरी , राजगीर और पटना के बीच रेल संपर्क अत्यधिक सुगम,सरल, सस्ता के साथ ज्यादा तेज हो जाएगा। रेल यात्रियों को लम्बी दूरी से मिलेगी बहुत राहत।मौजूदा वक्त नवादा से पावापुरी और राजगीर जाने के लिए रेलवे से यात्रियों को गया अथवा किऊल होकर ही लम्बा चक्कर लगाने के लिए विवश व मजबूर हैं। इसके चलते अर्थ और बहुमूल्य समय की नाहक खपत होती है। नई रेल लाइन पावापुरी रोड स्टेशन के आगे राजगीर -बख्तियारपुर रेल खंड से जुड़ेगी,जिससे यात्रियों को छोटा और सुविधाजनक वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध होगा और जनता व यात्रियों का पैसा एवं समय का बचत होगा।
नई रेल लाइन नवादा से पावापुरी तक निर्माण से पर्यटन एवं आर्थिक विकास के क्षेत्र में गुणात्मक मदद समेत वृद्धि को मिलेगा द्रुत गति प्रदान करेगा।