पूर्व राज्य मंत्री राजबल्लभ प्रसाद का जलवा सिर्फ बरकरार ही नहीं बल्कि उत्तरोत्तर बढ़ोतरी, सामाजिक कार्यकर्ता सम्मेलन सह जनसंवाद में उमड़ा हजारों का जन सैलाब

नवादा से डीके अकेला का रिपोर्ट


नवादा जिले के अंतर्गत नवादा विधायिका विभा देवी के कार्यालय में आज एक विशाल सामाजिक कार्यकर्ता सम्मेलन सह जन संवाद का आयोजन पूर्व श्रम राज्य मंत्री राजबल्लभ प्रसाद के सौजन्य से आयोजित किया गया. हजारों की संख्या में लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा. दर्जनों प्रबुद्ध लोगों ने सम्मेलन व जनसंवाद में उपस्थित लोगों को

संबोधित किया. राजबल्लभ यादव जिंदाबाद के नारे से चहुंओर गुंजायमान हो गया. अपने नेता के प्रति सबके के सब दिलोंजान से फिदा दिख रहे थे.इस सम्मेलन व जन संवाद की अध्यक्षता महादलित देवकी मांझी ने की. मंच का सफल संचालन जाने माने प्रखर समाज सेवी प्रिंस तमन्ना ने किया. मंचाशीन पूर्व मंत्री राजबल्लभ प्रसाद समेत, नवादा विधायक विभा देवी, MLC अशोक यादव, नवादा जिला पर्षद अध्यक्ष-पुष्पा राजवंशी, उपाध्यक्ष -निशा चौधरी, पूर्व जिला पार्षद श्री कांत सिह,आंती पंचायत के पूर्व मुखिया मनोज सिंह,भदो – खरा,समायआदि अनेक पंचायतों व प्रखंड के जन प्रतिनिधि मुस्तैद मौजूद थे. सम्मेलन और जन संवाद को संबोधित करते हुए के प्रधान वक्ता राजबल्लभ प्रसाद ने खुलेआम कहा कि कुछ गंदे, नीचे क्षद्म मानसिकता के शिकार लोगों ने नगर के अंशु मियां हत्याकांड में निर्दोष रहते हुए हमारे खिलाफ इसी व्यवहार न्यायालय नवादा में विनय यादव और पूर्व MLC ,पूर्व विधायक कौशल यादव के सम्बन्धी बालसखा सलमान रागिब उर्फ मुन्ना मियां ने डटकर गवाही दिया. लालू जी के मौजूदगी में कौशल यादव ने कबुल किया था कि अंशु मियां की हत्या आपने नहीं की,पर आपके लोगों ने किया. इस पर राजबल्लभ ने कहा कि अगर मैंने अंशु मिंया की हत्या नहीं की तो फिर हमें नामजद अभियुक्त अभियुक्त बनाने के पिछे क्या अंतर्निहित अंतर्विरोध और क्षुद्र कुत्सित नापाक मंशा है? इसी बहाने 1996 में मेरा टिकट काट दिया गया था. लेकिन जनता की अपार स्नेह, श्रद्धा,समर्थन,सहयोग और प्रेम ने निर्दलीय छाता छाप से चुनाव लड़कर सिर्फ मैं विजयी ही नहीं हुआ था, बल्कि सभी दलीय उम्मीदवारों की जमानत रद्द हो गई. राजबल्लभ प्रसाद ने बताया कि जिले में जनहित की दृष्टिकोण से बिजली समस्या को लेकर राजगीर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हॉट बात हो गई. साथ ही कौशल यादव और प्रदीप महतो की ओर से अपनी हार का ठीकरा अपने कुकर्मों को पर ठहराने को सिरे से दरकिनार कर हमारे माथे मढ़ने की घटिया कुकर्मों का सुनियोजित शातिराना साजिश रची गयी. जिस प्रदीप महतो और नीतीश कुमार के अपने सम्बन्धित सजातीय लड़की को लाखों रुपये तथा अन्य तरह के प्रलोभन देकर मुझे साजिश के साथ फंसाया गया.
व्यवहार न्यायालय नवादा ने हमें दोषी करार दिया,और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. लेकिन पटना हाइकोर्ट के डबल बेंच ने वाइजत हमें रिहा कर दिया. कुछ लोग इससे भी हतप्रभ है .
उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया कर्मी तथ्यों को तोड़ मरोड़ के रखते हैं, लेकिन उनके खिलाफ भी हमारा संघर्ष शुरू है. न्यायालय में उन्हें घसीटा जायगा और अपनी काली करतूतों का सभी हिसाब को चुकता करना ही पड़ेगा.
उन्होंने डंके की चोट पर यह घोषणा कर दी कि किसी भी कहीं भी पीडीएस के दुकानदारों द्वारा अगर सरकार प्रदत्त 05 किलो अनाज नहीं मिलता है,स्कूली बच्चों के मध्यान में मिलने वाली राशि और सामग्री ससमय नहीं मिल रहा है तो उसे हमें तुरन्त बताए. जहाँ भी कहीं रिश्वत के वगैर आपका काम नहीं हो रहा है, अथवा किसी के साथ कहिं भी किसी तरह का अन्याय हो या अत्यावश्यक जीवन रक्षक समान की जरूरत हो तो बेहिचक हमसे संपर्क कर यथासंभव लाभ उठाने की अब भी सार्थक कोशिश करें. हम जायज और न्याय के साथ है और हमेशा रहेंग.अन्याय के साथ कभी न देंगे. राजबल्लभ प्रसाद ने उपस्थित जनसमुदाय से निर्भीकता पूर्वक कहा कि जो हमारे रास्ते में लगातर कांटों की बौछार करते आ रहे रहे हैं, क्या उनके लिए फूलों की गुलदस्ता सजाकर क्या स्वागत किया जाए. अंततोगत्वा राजबल्लभ प्रसाद ने कहा कि क्या आदमी को आदमी और जानवर को जानवर नहीं तो क्या कहें ? सही कहने पर मजबूरन काफ़िरों व लंफंडों को हमारा पुतला जलाना पड़ा.हम खुलेआम शंखनाद करते हैं कि तुम रोज हमारा पुतला जलाओ,पर न्याय के लिए हम हर तरह के कुर्बानी देने को सहर्ष तत्पर और तैयार है. राजबल्लभ ने डटकर कहा कि विनय यादव ने हमें निर्दोष को नाहक बदनाम व अथक परेशान करने की नाहक अभद्र व्यवहार किया,जो सर्वविदित और जगजाहिर है. एक जन्म तो क्या सातों जन्म तक माफ नहीं किया जा सकता है उन पापियों को,जिसने मानवता और मानवाधिकार को शर्मसार कर तार-तार कर दिया. राजबल्लभ यादव ने अंत में कहा कि कुछ गंदे,नंगे क्षुद्र व घटिया सोच के लोग वाले लोगों को अपने आपा खोकर सोये शेर को ललकारने का दुःखद अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा. उन्होंने ने कहा कि गोवर्धन पूजा के समय कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित वर्षों से होते आ रही है. उसी एतिहासिक दिन हरिश्चंद्र स्टेडियम में भी आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में आने की साहस है तो आकर दिखाओ.15 लाख रुपये की देने की उपहार की घोषणा राजबल्लभ प्रसाद ने एक अनमोल मिशाल पेश कर दिया. राजबल्लभ यादव ने यह भी कहा कि 15 lakh के जगह एक करोड़ रुपये का बाजी रखता हूं .उन्होंने कहा कि आधा से लेकर एक घण्टे तक उसे अड़सार कर आधमाहीन करते रहेंगे, इस बीच अगर वो बेहोश होगा या जय हिंद-जय भारत नहीं बोलेगा तो उसका झंडी मुंडी उसी दिन तयशुदा है. लेकिन उन्होंने यह भी निर्भीकता पूर्वक कह दिया कि हमारे जो भी प्रतिद्वंद्वी रहेगा ,उसे किसी भी कीमत पर नहीं बक्शा जाएगा. चाहें इसके लिए उन्हें जो कुछ भी कुर्बानी देना पड़ेगा, हम बेहिचक,बेशक देने को तैयार है।